Donald Trump के चीन पहुंचते ही बढ़ी चर्चाएं, एयरपोर्ट स्वागत में नजर नहीं आए Xi Jinping

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump अपने दो दिवसीय दौरे पर चीन पहुंच गए हैं। इस दौरे की सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने नहीं पहुंचे। उनकी जगह चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने बीजिंग एयरपोर्ट पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
ट्रंप एयर फोर्स वन विमान से बीजिंग पहुंचे, जहां उनके स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट पर चीन और अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में पारंपरिक बैंड और विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई। सफेद और नीले रंग की वर्दी पहने युवाओं की टीम ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत किया।
इस घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। आमतौर पर बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे के शीर्ष नेताओं का स्वागत स्वयं करते हैं, लेकिन इस बार शी जिनपिंग की अनुपस्थिति ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पहले भी चर्चा में रहा था स्वागत प्रोटोकॉल
यह ट्रंप की दूसरी चीन यात्रा मानी जा रही है। इससे पहले वर्ष 2017 में भी उनके स्वागत को लेकर चर्चा हुई थी। उस समय उनका स्वागत चीन के विदेश विभाग के अधिकारियों ने किया था। हालांकि, चीन ने इस बार उपराष्ट्रपति को भेजकर स्वागत स्तर को थोड़ा ऊंचा रखा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2009 में जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति Barack Obama चीन पहुंचे थे, तब शी जिनपिंग स्वयं उपराष्ट्रपति रहते हुए एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे थे।
कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
ट्रंप और चीनी नेतृत्व के बीच होने वाली बैठकों में व्यापार, टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ताइवान मुद्दा, पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति, अमेरिकी हथियारों की बिक्री, दुर्लभ खनिजों की सप्लाई और टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी बातचीत हो सकती है। ट्रंप अपने दौरे के दौरान बीजिंग के ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा कर सकते हैं।
ट्रंप के साथ पहुंचे कई दिग्गज कारोबारी
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में कई बड़ी वैश्विक कंपनियों के प्रमुख अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें Elon Musk, Tim Cook, Larry Fink, David Solomon और Cristiano Amon जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे का असर आने वाले समय में अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों और वैश्विक राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
