11 अक्टूबर से चित्रकूट में बदलेगा ट्रैफिक रूट, भारी वाहनों की नो-एंट्री को लेकर नई व्यवस्था लागू

चित्रकूट: पितृ विसर्जनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चित्रकूट के कर्वी नगर में यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर 36 घंटे की रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे से 10 अक्टूबर की रात 12 बजे तक लागू रहेगा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और जरूरी सामान की आपूर्ति करने वाले वाहनों को नियमानुसार छूट दी जाएगी।

अमावस्या के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बनने की आशंका रहती है। ऐसे में यातायात को सुचारु बनाए रखने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। वाहन चालकों को निर्धारित मार्गों और समय का पालन करने की सलाह दी गई है।

11 अक्टूबर से 30 दिनों तक लागू रहेगी नो-एंट्री

अमावस्या का आयोजन समाप्त होने के बाद भी कर्वी नगर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। 11 अक्टूबर से अगले 30 दिनों तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर निर्धारित समय के अनुसार रोक रहेगी।

नगर में प्रवेश करने वाले पांच प्रमुख मार्गों पर अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। इन रास्तों पर बनाए गए बैरियर से गुजरने वाले वाहन चालकों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।

पांच प्रमुख मार्गों पर नो-एंट्री का समय

1. राजापुर मार्ग: लोढ़वारा मोड़ पर सुबह 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

2. प्रयागराज रोड: रेहुटिया रेलवे क्रॉसिंग पर सुबह 5:30 बजे से रात 10 बजे तक मालवाहक वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा।

3. मानिकपुर रोड: खोह पुलिस लाइन तिराहे पर सुबह 5:30 बजे से रात 10 बजे तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

4. सोनेपुर-सतना रोड: शेषनपुरवा मोड़ पर सुबह 5:30 बजे से रात 10:30 बजे तक नो-एंट्री लागू रहेगी।

5. बांदा रोड: बेड़ी पुलिया के पास सुबह 5:30 बजे से रात 11 बजे तक मालवाहक वाहनों को नगर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

बैरियर पार करने वाले वाहन चालकों के लिए भी निर्देश

यातायात व्यवस्था के तहत निर्धारित समय में नो-एंट्री बैरियर पार कर चुके वाहनों को सुबह 6 बजे तक संबंधित क्षेत्र से बाहर निकलना होगा। इसलिए वाहन चालकों को अपने सफर की योजना तय समय के अनुसार बनाने की जरूरत है, ताकि उन्हें रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन जरूरत के अनुसार शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों या जुलूस के दौरान नो-एंट्री के समय में बदलाव भी कर सकता है। ऐसे आयोजनों में स्थानीय यातायात की स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में संशोधन किया जा सकता है।

वाहन चालक इन बातों का रखें ध्यान

चित्रकूट आने-जाने वाले भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के चालकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय और प्रवेश मार्गों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। अमावस्या के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना, जाम की समस्या से बचना और आम लोगों के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वाहन चालकों को असुविधा से बचने के लिए निर्धारित समय के अनुसार अपने मार्ग और यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

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