उत्तर प्रदेश | योगी सरकार का फोकस अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जाति को औद्योगिक प्रशिक्षण देने पर है.

1 min read

 

  • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के जरिए कौशल विकास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है योगी सरकार
  • नानपारा, सिकंदराबाद, छानबे व जेवर में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नई कक्षाएं 
  • थ्योरी कक्षों व मीटिंग हाल समेत निर्माण कार्यों के लिए धनराशि हुई आवंटित
  • इन निर्माण कार्यों की पूर्ति होने से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली में होगा सुधार
  • प्रशिक्षुओं को भी मिलेंगी स्मार्ट क्लासेस व लैब्स समेत तमाम उन्नत सुविधाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रही योगी सरकार (Yogi government) प्रदेश में अल्पसंख्यक (Minorities) व अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) के कल्याण (B

enefits) के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश के अल्पसंख्यक व अनुसूचित जातीय बाहुल्य विकास खंडों में भी विकास को गति देने और इन क्षेत्रों मंं औद्योगिक व कौशल विकास पर भी लक्ष्य केंद्रित कर रही है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर्स को अपडेट कर उन्हें मॉडर्न फैसिलिटीज से लैस करने की कार्ययोजना को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है। इस क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप, उत्तर प्रदेश सरकार ने नानपारा (बहराइच), सिकंदराबाद (बुलंदशहर), छानबे (मिर्जापुर) व जेवर (गौतमबुद्ध नगर) में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नई कक्षाएं, थ्योरी कक्षों व मीटिंग हाल समेत कई महत्वपूर्ण निर्माण व मरम्मत कार्यों को पूर्ण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।कुल 6.02 करोड़ रुपए पहली किस्त के तौर पर हुए स्वीकृत
छानबे (मिर्जापुर) व जेवर (गौतमबुद्ध नगर) के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जातीय उपयोजना (एससीएसपी) के अंतर्गत कुल 2.65 करोड़ रुपए की धनावंटन की प्रथम किस्त को स्वीकृति दी है। वहीं, नानपारा (बहराइच), सिकंदराबाद (बुलंदशहर) के अल्पसंख्यक बाहुल्य विकास खंडों व अन्य क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुल 3.37 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटन को प्रथम किस्त के तौर पर स्वीकृति दे दी है। इस प्रकार, कुल 6.02 करोड़ रुपए की धनराशि योगी सरकार द्वारा चारों क्षेत्रों के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निर्माण व सुधार कार्यों के लिए प्रथम किस्त के तौर पर जारी कर दी गई है।

यह भी पढ़ें

कार्यदायी संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराया गया फंड
चारों ही क्षेत्रों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निर्माण कार्यों को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (यूपीआरएनएसएस) व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा फंड्स उपलब्ध कराए गए हैं। इन कार्यों को मुख्यतः दो चरणों में पूर्ण किया जाना है। इन कार्यों के लिए कुल मिलाकर 11.9 करोड़ रुपए की लागत राशि निर्धारित की गई है। इसी क्रम में पहली किस्त के तौर पर 6.02 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

स्मार्ट क्लासेस समेत कई सुविधाओं का मिलेगा लाभ
इन संस्थानों के जरिए प्रशिक्षुओं तक उन्नत सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कई प्रकार के निर्माण व शैक्षणिक कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्य तौर पर पहली किस्त के तौर पर प्राप्त धनराशि के जरिए कैंपसों में विभिन्न कक्षों का निर्माण, स्मार्ट क्लासेस की स्थापना, कार्यशाला व सैद्धांतिक कक्ष का निर्माण, आईटी लैब, मीटिंग हॉल, चारदीवारी, मुख्य गेट, गार्ड रूम, इंटरलॉकिंग रोड, सी.सी रोड व प्रशासनिक भवन में मरम्मत समेत कई प्रकार के निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जाएगा।

इसके अलावा, बची हुई धनराशि का इस्तेमाल कार्यशालाओं के आयोजन समेत अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में होगा। सभी निर्माण कार्यों को वित्तीय वर्ष 2023-24 के मध्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश प्रशिक्षण व सेवायोजन विभाग के निदेशक के मार्गदर्शन में सभी कार्यों को उत्तर प्रदेश शासन की रूल बुक के अनुसार पूर्ण किया जाएगा। इन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण भी उत्तर प्रदेश प्रशिक्षण व सेवायोजन विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed