नोएडा में साइबर ठगों का कहर, ट्रेडिंग, ऑनलाइन जॉब और गेमिंग के झांसे में फंसाकर 43.50 लाख की ठगी

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर 43.50 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा, घर बैठे नौकरी और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कमाई का लालच देकर पीड़ितों से बड़ी रकम ऐंठ ली। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू की और एनसीआरपी पोर्टल की सहायता से कुल 10.65 लाख रुपये से अधिक की राशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की ठगी
सेक्टर-122 निवासी एक व्यक्ति को पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें शेयर बाजार में निवेश से अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया गया। कुछ समय तक निवेश संबंधी सलाह देने के बाद उन्हें एक मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा गया। भरोसा होने पर पीड़ित ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में कई किस्तों में करीब 17.76 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जांच के दौरान साइबर पुलिस ने 4.96 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रीज करा दी।
घर बैठे नौकरी का झांसा देकर ठगी
एक महिला ने शिकायत में बताया कि टेलीग्राम के जरिए उनसे संपर्क कर घर बैठे नौकरी का प्रस्ताव दिया गया। बाद में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर अलग-अलग टास्क पूरे करने और प्रोसेसिंग फीस जमा कराने के लिए कहा गया। धीरे-धीरे महिला से 14.54 लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर करा ली गई। पैसे मिलने के बाद आरोपी संपर्क से गायब हो गए। जांच के दौरान पुलिस ने 3.38 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कराई।
ऑनलाइन गेमिंग ऐप से लगाया चूना
ग्रेटर नोएडा के एक युवक ने बताया कि इंटरनेट पर उन्हें एक गेमिंग ऐप मिला, जिसमें गेम खेलकर रकम दोगुनी होने का दावा किया गया था। अधिक लाभ की उम्मीद में उन्होंने अलग-अलग चरणों में करीब 11.20 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ। मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने 2.30 लाख रुपये से अधिक की रकम संबंधित बैंक खाते में फ्रीज कराई।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें, सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले नौकरी और निवेश के ऑफर की पहले पूरी जांच करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा सके।
