विजय की TVK को मिला 13.3 करोड़ का चंदा, दो नेताओं ने दिया करीब 99% योगदान

तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को मिले चंदे का आंकड़ा सामने आया है। पार्टी को करीब 13.3 करोड़ रुपये का दान मिलने की जानकारी दी गई है। खास बात यह है कि इस राशि का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा दो प्रमुख नेताओं, आदव अर्जुन और आरवी रंजीतकुमार की ओर से दिए जाने की बात सामने आई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पार्टी को मिलने वाले योगदान में आदव अर्जुन सबसे बड़े दानदाता के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने करीब 8.2 करोड़ रुपये का योगदान दिया। वहीं, आरवी रंजीतकुमार की ओर से लगभग 5 करोड़ रुपये दिए जाने की जानकारी है। इन दोनों के योगदान को मिलाकर पार्टी को प्राप्त कुल चंदे का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा बनता है।

पार्टी को मिले दान के आंकड़े तमिलनाडु की राजनीति में वित्तीय योगदान और राजनीतिक दलों की फंडिंग को लेकर चर्चा बढ़ा सकते हैं।

आदव अर्जुन ने दिया सबसे बड़ा योगदान

TVK को मिले चंदे में आदव अर्जुन का योगदान सबसे अधिक बताया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उन्होंने पार्टी को लगभग 8.2 करोड़ रुपये दिए। यह राशि पार्टी को मिले कुल योगदान का करीब 60 प्रतिशत है।

वहीं, आरवी रंजीतकुमार ने करीब 5 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इस तरह दोनों नेताओं की ओर से दी गई रकम पार्टी को प्राप्त कुल दान का लगभग 99 प्रतिशत बैठती है।

इसके अलावा, चंदे के विवरण में 5-5 लाख रुपये के दो अन्य योगदानों का भी उल्लेख है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि पार्टी को मिलने वाली अधिकांश राशि कुछ चुनिंदा दानदाताओं से प्राप्त हुई।

अन्य दानदाताओं ने भी दिया योगदान

TVK को मिले चंदे के विवरण में कुछ अन्य संस्थाओं के योगदान की जानकारी भी शामिल है। थूथुकुडी के लायंस टाउन स्थित स्नो शो ने डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से पार्टी को धनराशि दी।

इसी पते पर पंजीकृत स्नो एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स की ओर से भी डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 6 लाख रुपये का योगदान दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

राजनीतिक दलों को मिलने वाले ऐसे वित्तीय योगदान का विवरण चुनावी राजनीति में फंडिंग के स्रोतों और दानदाताओं की भूमिका को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

AIADMK और अन्य दलों की फंडिंग भी चर्चा में

तमिलनाडु में अन्य राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे के आंकड़े भी सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AIADMK ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 161.35 करोड़ रुपये के स्वैच्छिक योगदान की जानकारी दी है।

इसके अतिरिक्त, एक अन्य आंकड़े में 191.19 करोड़ रुपये के योगदान का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस राशि का संबंध किस राजनीतिक दल या किस अवधि से है, यह उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।

इन आंकड़ों के बीच टाइगर एसोसिएट्स का नाम एक बड़े दानदाता के रूप में सामने आया है। इस कंपनी की ओर से 125 करोड़ रुपये के योगदान का उल्लेख किया गया है।

टाइगर एसोसिएट्स और लॉटरी कारोबार का कनेक्शन

टाइगर एसोसिएट्स का संबंध कोलकाता की लॉटरी कारोबार से जुड़ी कंपनी के रूप में बताया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, यह कंपनी एक साझा कारोबारी साझेदार के माध्यम से लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन से जुड़ी है।

कंपनी के साझेदार सुब्बयन नागराजन को मार्टिन का पुराना सहयोगी बताया गया है। कॉर्पोरेट रिकॉर्ड के अनुसार, नागराजन एक अन्य फर्म में भी साझेदार हैं।

लॉटरी कारोबार से जुड़ी कंपनियों और राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे का मुद्दा पहले भी देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। ऐसे मामलों में कंपनियों की कारोबारी संरचना और वित्तीय योगदान की जानकारी को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर समझना जरूरी है।

चुनावी बॉन्ड और फ्यूचर गेमिंग का मामला

फरवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था। इस फैसले से पहले फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल थी।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फ्यूचर गेमिंग ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से डीएमके को 509 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। यह योगदान चुनावी बॉन्ड योजना के तहत राजनीतिक दलों को मिलने वाली बड़ी रकम को लेकर हुई चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आया था।

चुनावी बॉन्ड योजना रद्द होने के बाद राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे, दानदाताओं की पहचान और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हुई।

राजनीतिक दलों की फंडिंग पर फिर बढ़ी चर्चा

TVK को मिले करीब 13.3 करोड़ रुपये के चंदे का विवरण ऐसे समय सामने आया है, जब राजनीतिक दलों की आय और उनके वित्तीय स्रोतों पर लगातार चर्चा होती रही है।

पार्टी को मिले योगदान में दो नेताओं की बड़ी हिस्सेदारी यह सवाल भी उठाती है कि राजनीतिक दलों की फंडिंग में सीमित संख्या में बड़े दानदाताओं की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

हालांकि, अलग-अलग दलों और कंपनियों से संबंधित आंकड़ों की तुलना करते समय वित्त वर्ष, दान की श्रेणी और संबंधित पार्टी की स्पष्ट जानकारी का ध्यान रखना जरूरी है। इससे राजनीतिक चंदे से जुड़े आंकड़ों को सही संदर्भ में समझा जा सकता है।

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