सौंफ खाने के 5 आसान तरीके, गैस और ब्लोटिंग से राहत पाने में हो सकती है मदद

भारतीय रसोई में सौंफ का इस्तेमाल लंबे समय से मसाले और माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता रहा है। खाने के बाद सौंफ चबाने की परंपरा आज भी कई घरों में प्रचलित है। अपने खास स्वाद और सुगंध के अलावा सौंफ में फाइबर तथा कई तरह के पौधों से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी पाए जाते हैं।
कुछ लोगों को सौंफ का सेवन करने से पाचन संबंधी हल्की परेशानियों, जैसे गैस और पेट फूलने में आराम मिल सकता है। हालांकि, एसिडिटी, पेट दर्द या पाचन संबंधी किसी बीमारी को ठीक करने के लिए केवल सौंफ पर निर्भर रहना सही नहीं है। आइए जानते हैं सौंफ को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने के पांच आसान तरीके।
1. खाना खाने के बाद चबाएं सौंफ
खाने के बाद थोड़ी सौंफ चबाना इसका इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका है। सौंफ चबाने से मुंह में लार का स्राव बढ़ सकता है, जिससे मुंह का सूखापन कम करने और सांसों को ताजा रखने में मदद मिलती है।
इसकी खुशबू सांसों की दुर्गंध को कुछ समय के लिए कम करने में भी सहायक हो सकती है। हालांकि, अगर मुंह से लगातार बदबू आती है, तो दांतों और मसूड़ों की सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।
2. सौंफ का पानी पीने का तरीका
सौंफ का पानी बनाने के लिए एक गिलास पानी में लगभग एक चम्मच सौंफ डालकर रातभर भिगोकर रख सकते हैं। सुबह इसे छानकर पी लें।
कुछ लोगों को इस तरह सौंफ का सेवन करने से पेट फूलने या पाचन संबंधी हल्की परेशानी में आराम महसूस हो सकता है। हालांकि, इस बात के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि सौंफ का पानी शरीर से विषैले पदार्थ निकालता है या खाली पेट पीने से मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ता है।
शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम मुख्य रूप से लिवर और किडनी करते हैं। इसलिए सौंफ के पानी को किसी विशेष डिटॉक्स उपचार के रूप में नहीं देखना चाहिए।
3. सौंफ की हर्बल चाय से करें दिन की शुरुआत
अगर आप चाय का हल्का विकल्प तलाश रहे हैं, तो सौंफ की हर्बल चाय आजमा सकते हैं। इसे बनाने के लिए एक कप पानी में आधा से एक चम्मच सौंफ डालें और कुछ मिनट तक उबालें। इसके बाद पानी को छानकर पी लें।
स्वाद के लिए इसमें थोड़ा अदरक मिलाया जा सकता है। यदि चाहें तो पेय थोड़ा ठंडा होने के बाद थोड़ी मात्रा में शहद भी डाल सकते हैं।
सौंफ की चाय पीने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी हल्की परेशानी में आराम मिल सकता है। हालांकि, यह एसिडिटी या पेट दर्द का प्रमाणित इलाज नहीं है। अगर चाय पीने के बाद सीने में जलन या पेट की परेशानी बढ़ती है, तो इसका सेवन बंद कर दें।
4. सौंफ का पाउडर भी कर सकते हैं इस्तेमाल
सौंफ को हल्का भूनकर ठंडा कर लें और फिर पीसकर उसका पाउडर बना लें। इसे एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं और स्वाद के लिए भोजन या पेय में थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कुछ लोग सौंफ के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लेना पसंद करते हैं। हालांकि, इस बात के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं कि सौंफ का पाउडर सीधे मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है या वजन कम करने में मदद करता है।
अगर आपका पेट अक्सर भारी रहता है या गैस की समस्या होती है, तो भोजन की मात्रा, खाने की गति और किन खाद्य पदार्थों से परेशानी बढ़ती है, इस पर भी ध्यान दें।
5. रायते और सब्जियों में मिलाएं सौंफ
सौंफ का इस्तेमाल केवल पानी या चाय तक सीमित नहीं है। आप इसे सब्जियों, रायते, सलाद और अन्य व्यंजनों में भी शामिल कर सकते हैं।
साबुत सौंफ या हल्की कुटी हुई सौंफ भोजन में अलग सुगंध और स्वाद जोड़ती है। इसे मसाले के रूप में इस्तेमाल करने से रोजमर्रा के खाने में विविधता भी आती है।
हालांकि, भोजन में सौंफ मिलाने से हर व्यक्ति की पाचन संबंधी परेशानी दूर हो जाए, यह जरूरी नहीं है। इसका फायदा व्यक्ति की खानपान संबंधी आदतों और परेशानी के कारण पर निर्भर कर सकता है।
क्या सौंफ से एसिडिटी और पेट की सूजन खत्म हो जाती है?
सौंफ का पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी हल्की परेशानियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। कुछ लोगों को इससे गैस या पेट फूलने में राहत मिल सकती है, लेकिन इसे एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस या अन्य पाचन संबंधी बीमारियों का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता।
अगर आपको बार-बार एसिडिटी होती है, तो एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाने से बचें, भोजन के तुरंत बाद न लेटें और उन खाद्य पदार्थों पर ध्यान दें जिनसे आपकी परेशानी बढ़ती है।
यदि पेट में लगातार दर्द, बार-बार उल्टी, निगलने में परेशानी, बिना कारण वजन कम होना या मल में खून आने जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लें।
ध्यान दें: सौंफ को सामान्य खाद्य मात्रा में इस्तेमाल करना और उसका अत्यधिक सेवन करना अलग-अलग बातें हैं। यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या नियमित दवाएं लेते हैं, तो सौंफ के अर्क अथवा अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
