बुलंदशहर में बिजली विभाग की लापरवाही: चेयरमैन के आदेशों के बावजूद टीजी-2 कर्मचारी दफ्तरों में, बिजलीघरों में स्टाफ की कमी बरकरार

बुलंदशहर में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि चेयरमैन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद टीजी-2 (तकनीकी ग्रेड-2) कर्मियों को अब भी कार्यालयों में ही तैनात रखा गया है। विभाग को निर्देश दिए गए थे कि सभी टीजी-2 कर्मचारियों को तुरंत बिजलीघरों पर भेजा जाए, ताकि तकनीकी स्टाफ की कमी दूर हो सके, लेकिन यह आदेश जिले में लागू नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार, जिले में 35 से अधिक टीजी-2 कर्मचारी अभी भी दफ्तरों में काम कर रहे हैं, जबकि उनकी वास्तविक नियुक्ति तकनीकी कार्यों के लिए उपकेंद्रों पर होनी थी। कई सब-स्टेशनों पर तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है, फिर भी इन कर्मियों को दफ्तरों से हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
करीब एक सप्ताह पहले चेयरमैन ने मुख्य अभियंता को निर्देश जारी किए थे कि तकनीकी ग्रेड के कर्मियों का उपयोग केवल फील्ड और बिजलीघरों में किया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि इलेक्ट्रिकल नेटवर्क को सुचारू रखने के लिए तकनीकी स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता बेहद आवश्यक है।
तकनीकी स्टाफ की कमी के चलते कई उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं हो पा रहा। फॉल्ट रिपेयर, ट्रिपिंग खत्म करने और लाइन सुधार जैसे कार्यों में देरी हो रही है। इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है और मौजूदा लाइन स्टाफ पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
चेयरमैन के आदेशों को लागू न किए जाने पर विभाग के भीतर नाराज़गी देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि उच्चाधिकारियों की उदासीनता के कारण यह समस्या बनी हुई है। उपभोक्ता संगठनों ने भी टीजी-2 कर्मचारियों को बिजलीघरों से दूर रखने को गंभीर लापरवाही बताया है।
