दावोस में तेलंगाना का दबदबा: UAE और इजराइल के साथ बड़े समझौते, 2047 तक 3 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 में तेलंगाना की उपस्थिति जोरदार रही। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अगुवाई में ‘तेलंगाना राइजिंग’ प्रतिनिधिमंडल ने कई महत्वपूर्ण समझौते किए। प्रतिनिधिमंडल ने UAE के साथ ‘भारत फ्यूचर सिटी’ प्रोजेक्ट के विकास पर सहमति जताई, जबकि इजराइल के साथ स्टार्टअप और तकनीकी इनोवेशन में सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने UAE के अर्थ और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ बैठक में भारत की पहली नेट-जीरो ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी पर चर्चा की। यह 30,000 एकड़ में फैली होगी, जिसमें AI, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष क्षेत्र होंगे। दोनों देशों ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से लागू करने के लिए एक संयुक्त कार्यबल बनाने पर भी सहमति जताई।
इजराइल इनोवेशन अथॉरिटी के अध्यक्ष एलोन स्टोपेल के साथ हुई बैठक में कृषि, जलवायु परिवर्तन और स्टार्टअप इनोवेशन पर चर्चा हुई। इजराइल तेलंगाना के स्टार्टअप्स को AI, हेल्थटेक और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग देगा।
इसके अलावा, गूगल ने कृषि और जलवायु परिवर्तन में समर्थन की इच्छा जताई, फिलिप्स ने हैदराबाद में AI आधारित हेल्थ और नॉलेज हब पर काम करने में रुचि दिखाई। YISU के साथ मिलकर हर साल 5,000 कुशल कार्यबल का प्रशिक्षण और यूनिलीवर का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू और राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने राज्य की निवेश अनुकूल नीतियों और वातावरण को रेखांकित किया। इन समझौतों से तेलंगाना की वैश्विक छवि मजबूत होगी और राज्य तकनीकी व विनिर्माण क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। यह संकेत है कि तेलंगाना अपनी 2047 की दृष्टि को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
