एलडीए का नया नियम लागू, बड़े भू-स्वामियों को उसी गांव में मिलेगा विकसित प्लॉट

Lucknow Development Authority ने अपनी बहुप्रतीक्षित आईटी सिटी योजना को गति देने के लिए अहम बदलाव किया है। अब 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वाले भू-स्वामियों को उसी गांव में विकसित प्लॉट दिया जाएगा, जहां उनकी मूल जमीन स्थित है। पहले प्लॉट का आवंटन लॉटरी के जरिए होता था, जिससे बड़े निवेशकों और बिल्डरों में असंतोष बना हुआ था।
यह आईटी सिटी योजना Lucknow के सुल्तानपुर रोड पर किसान पथ के किनारे करीब 1054 एकड़ में विकसित की जा रही है। इसमें बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़ नगर टिकरिया जैसे कई गांव शामिल हैं।
अब तक इस परियोजना के तहत लगभग 234 हेक्टेयर जमीन लैंडपूलिंग के माध्यम से ली जा चुकी है, जबकि करीब 800 हेक्टेयर जमीन अभी जुटाई जानी बाकी है। शासन स्तर पर भी इस योजना को जल्द पूरा करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
दरअसल, पहले बड़े भू-स्वामी इस योजना में जमीन देने से हिचक रहे थे, क्योंकि उन्हें अपनी ही लोकेशन पर विकसित प्लॉट मिलने की गारंटी नहीं थी। नए नियम के तहत यह समस्या दूर कर दी गई है, जिससे उनकी जमीन की लोकेशन वैल्यू बनी रहेगी और निवेश के अवसर भी बेहतर होंगे।
लैंडपूलिंग व्यवस्था के अनुसार, प्राधिकरण जमीन लेकर उसके बदले भू-स्वामियों को विकसित प्लॉट देता है। पांच बीघा तक जमीन देने वालों को 25 प्रतिशत विकसित प्लॉट मिलता है, जबकि 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वालों को 50 प्रतिशत तक विकसित जमीन दी जाती है।
हाल ही में मार्च माह में लॉटरी के जरिए छोटे भू-स्वामियों को 549 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। अब बड़े भू-स्वामियों के लिए नियमों में ढील मिलने से इस परियोजना में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष Prathmesh Kumar का कहना है कि संशोधित लैंडपूलिंग नीति से आईटी सिटी योजना को तेजी मिलेगी और इसे जल्द ही पूरी तरह विकसित किया जाएगा।
