दूसरी पार्टियों से BJP में आए कई नेताओं ने संभाली राज्यों की सत्ता

देश में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों का राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान समय में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में से 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में बीजेपी या एनडीए की सरकार है। अब इस सूची में पश्चिम बंगाल का नाम भी जुड़ गया है, जहां पहली बार बीजेपी सरकार बनने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुना गया है। खास बात यह है कि बीजेपी के कई ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत किसी दूसरी पार्टी से की थी और बाद में बीजेपी में शामिल होकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।

शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। हालांकि उनका शुरुआती राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। 1995 से 2000 तक वे कांग्रेस में रहे, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। टीएमसी में रहते हुए उन्होंने विधायक और सांसद दोनों की भूमिका निभाई। दिसंबर 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया।

हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी पहले कांग्रेस के बड़े नेता थे। उन्होंने 1991 में कांग्रेस से राजनीति शुरू की थी। लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद 2015 में बीजेपी में शामिल हुए और 2021 में असम के मुख्यमंत्री बने।

सम्राट चौधरी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। उन्होंने 1990 में समता पार्टी से राजनीति शुरू की। बाद में वे आरजेडी में गए, फिर जदयू में शामिल हुए और आखिरकार 2017 में बीजेपी का हिस्सा बने। बीजेपी में आने के बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और अब बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

सर्बानंद सोनोवाल

असम के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत असोम गण परिषद (AGP) से की थी। 2011 में वे बीजेपी में शामिल हुए और बाद में असम के मुख्यमंत्री बने।

पेमा खांडू

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पहले कांग्रेस पार्टी में थे। साल 2016 में उन्होंने बीजेपी जॉइन की और राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई।

एन. बीरेन सिंह

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह पहले कांग्रेस और उससे पहले डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपल्स पार्टी में थे। 2017 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने राज्य की सत्ता संभाली।

युमनाम खेमचंद सिंह

मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे युमनाम खेमचंद सिंह ने भी बीजेपी में आने से पहले दूसरे दलों में काम किया था। वे 2013 में बीजेपी में शामिल हुए और बाद में मुख्यमंत्री बने।

मानिक साहा

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे। 2016 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा और वे राज्य के मुख्यमंत्री बने।

अर्जुन मुंडा

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा लंबे समय तक झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) में रहे। साल 2000 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने झारखंड की राजनीति में अहम भूमिका निभाई और बाद में केंद्र सरकार में मंत्री भी बने।

बसवराज बोम्मई

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से की थी। बाद में वे जदयू में गए और फिर 2008 में बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी में आने के बाद वे 2021 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने।

देश की राजनीति में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां दूसरे दलों से आए नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने के बाद बड़ी जिम्मेदारियां हासिल कीं और राज्यों की सत्ता तक पहुंचे।

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