970 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर ED का शिकंजा, कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

ED की आइजोल इकाई ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए चम्फाई जिले में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों और कारोबारी प्रतिष्ठानों पर केंद्रित रही, जिनके तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।

CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

मामले की जांच की शुरुआत एक प्राथमिकी के आधार पर हुई थी, जिसमें म्यांमार से भारत में बड़े पैमाने पर सूखी सुपारी की अवैध तस्करी के आरोप लगाए गए थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सीमा पार से बिना वैध अनुमति और कस्टम प्रक्रिया पूरी किए माल भारत लाया जा रहा था।

सीमा पार तस्करी का कथित नेटवर्क

जांच में सामने आया कि म्यांमार से आने वाली सुपारी को सीमा से लगे क्षेत्रों में पहुंचाया जाता था, जहां स्थानीय सहयोगियों की मदद से उसका भंडारण और परिवहन किया जाता था। बाद में इसे विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क को वित्तीय सहायता देने के लिए बैंकिंग चैनलों और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप

ED को जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनके आधार पर माल की आवाजाही को वैध दिखाने का प्रयास किया गया। एजेंसी का आरोप है कि कुछ मामलों में कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों का उपयोग कर परिवहन संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित दस्तावेज वास्तविक हैं या नहीं।

970 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की जांच

बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान एजेंसी को 970 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। ED का मानना है कि इन लेन-देन का संबंध कथित अवैध कारोबार से हो सकता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, कारोबारी रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इनकी फोरेंसिक और वित्तीय जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

ED के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं तथा संभावित आरोपियों के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *