मिडिल ईस्ट हालात से प्रभावित छात्रों को मिल सकती है राहत, केंद्र ने कोर्ट में नीति पर जताई सहमति

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उसके असर से प्रभावित निजी विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार नई व्यवस्था लाने पर विचार कर रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि ऐसे छात्रों के लिए जल्द कोई नीति तैयार की जा सकती है, जिनके परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं हो पाए हैं।

यह मामला उन छात्रों से जुड़ा है जिन्होंने नियमित स्कूल के बजाय निजी उम्मीदवार के रूप में परीक्षा दी थी। युद्ध और सुरक्षा कारणों से कुछ क्षेत्रों में परीक्षाओं की प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिसके चलते कई छात्रों के परिणाम लंबित रह गए।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि यह केवल एक छात्र का मामला नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर कई विद्यार्थियों को प्रभावित करने वाला मुद्दा है। इसी कारण सरकार एक समान नीति तैयार करने की संभावना पर विचार कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 जून तक तय की है।

याचिका दायर करने वाले छात्र ने मांग की है कि परीक्षा परिणाम में आवश्यक सुधार के बाद उसका रिजल्ट जारी किया जाए। उसका कहना है कि विशेष मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नहीं किया गया कि क्या सुधार परीक्षा देने वाले निजी उम्मीदवार भी इसके दायरे में आते हैं।

मामले में यह भी तर्क दिया गया कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकीं, वहां प्रभावित निजी छात्रों को भी विशेष मूल्यांकन योजना का लाभ मिलना चाहिए। छात्र का परिणाम फिलहाल लंबित श्रेणी में दिखाया गया है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार प्रस्तावित नीति में किन छात्रों को शामिल करती है और प्रभावित विद्यार्थियों को किस तरह राहत देने का फैसला लिया जाता है।

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