PM मोदी पर पाक रक्षा मंत्री के बयान पर भारत का पलटवार, दिया कड़ा जवाब

भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि ख्वाजा आसिफ बिना तथ्यों के बयान देने के आदी हैं और ऐसे मुद्दों पर भी टिप्पणी करते हैं, जिनकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के हालिया बयान उनकी सोच और कार्यशैली को दर्शाते हैं। सूत्रों ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां गैर-जिम्मेदाराना हैं और केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों के आंतरिक या सम्मान से जुड़े मामलों पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा सकता।
यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स की यात्रा के दौरान मिले सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन” को लेकर शुरू हुआ। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, समुद्री सहयोग और छोटे द्वीपीय देशों के विकास में योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने।
इस सम्मान को लेकर भारत में भी राजनीतिक बहस देखने को मिली। विपक्ष के कुछ नेताओं ने सम्मान से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों में कथित टाइपिंग और स्पेलिंग संबंधी त्रुटियों पर सवाल उठाए। वहीं, सम्मान से जुड़ी तस्वीर को लेकर भी विभिन्न तरह की चर्चाएं हुईं और उसके निर्माण को लेकर कई दावे किए गए।
बाद में सेशेल्स सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया सम्मान पूरी तरह आधिकारिक और वैध है। सरकार ने बताया कि देश ने हाल ही में अपनी राष्ट्रीय सम्मान प्रणाली में बदलाव किया है और इसी प्रक्रिया के तहत “गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन” नामक नए सर्वोच्च सम्मान की शुरुआत की गई। संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह सम्मान आधिकारिक रूप से लागू किया गया और उसी के तहत प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान प्रदान किया गया।
भारत सरकार का कहना है कि इस तरह के सम्मान दो देशों के बीच मजबूत संबंधों और सहयोग का प्रतीक होते हैं। वहीं, पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणी को भारत ने बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इस तरह की बयानबाजी का कोई वास्तविक महत्व नहीं है।
