कैश वाहन चालक 5 दिन से गायब, ‘सर बुला रहे हैं’ कहकर निकला था घर से; ₹17.29 करोड़ के नकली नोट केस से जुड़ा मामला

सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से जुड़े ₹17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए सवाल सामने आ रहे हैं। निलंबित करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को NIA गिरफ्तार कर चुकी है और उससे पूछताछ की जा रही है। इसी बीच करेंसी चेस्ट से कैश लेकर बैंक शाखाओं तक पहुंचाने वाले वाहन का ड्राइवर आदर्श 5 सितंबर से लापता है।

आदर्श के परिजनों ने उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है। उसके पिता शिवप्रसाद ने एक बैंक कर्मचारी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक अपहरण की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘सर बुला रहे हैं’ कहकर गया था आदर्श

आदर्श के पिता शिवप्रसाद ई-रिक्शा चलाते हैं। उनका कहना है कि 5 सितंबर को उनका बेटा करेंसी चेस्ट से बैंक शाखाओं तक नकदी पहुंचाने वाली गाड़ी की ड्यूटी पर था। इसी दौरान एक कर्मचारी ने उसे फोन किया और कहा कि अधिकारी उसे बुला रहे हैं।

परिजनों के मुताबिक, फोन आने के बाद आदर्श वहां से चला गया, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं पहुंचा। कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों के अलावा संभावित जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद परिजनों ने कोतवाली देहात थाने में आदर्श की गुमशुदगी दर्ज कराई।

पिता ने घोटाले से जुड़े लोगों पर जताया शक

आदर्श के पिता का आरोप है कि उनका बेटा करेंसी चेस्ट में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी रखने वाले लोगों के संपर्क में था। उनका दावा है कि कुछ लोग आदर्श पर दबाव बना रहे थे और उसे डराया जा रहा था कि अगर उसने किसी मामले की जानकारी दी तो उसका नाम भी कथित गबन में शामिल कर दिया जाएगा।

हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

आदर्श के नाम पर बाइक और संपत्ति खरीदने का दावा

शिवप्रसाद ने एक बैंक कर्मचारी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जुलाई में आदर्श के नाम पर करीब ₹4.90 लाख और ₹2.70 लाख की दो मोटरसाइकिल खरीदी गईं।

इसके अलावा पिता ने आदर्श के नाम पर दो दुकानों और दो प्लॉट खरीदे जाने का भी दावा किया है। उनका कहना है कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।

शिवप्रसाद के मुताबिक, आदर्श के लापता होने के बाद संबंधित बैंककर्मी के परिवार के कुछ लोग भी उनके घर पहुंचे और आदर्श के बारे में जानकारी लेने लगे। इससे परिवार का संदेह और गहरा हो गया।

दो महीने पहले गड़बड़ी की जानकारी देने का दावा

आदर्श के पिता का कहना है कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही करेंसी चेस्ट में कथित गड़बड़ियों की जानकारी बैंक अधिकारियों तक पहुंचाई थी। उनका आरोप है कि उन्हें इस मामले से दूर रहने और चुप रहने के लिए कहा गया था।

अब करेंसी चेस्ट से करोड़ों रुपये के जाली नोट बरामद होने और उनके बेटे के अचानक लापता होने के बाद परिवार पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग कर रहा है।

NIA ने निजी सहायक के घर भी की जांच

जाली नोट मामले में NIA की जांच अब निलंबित करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार से जुड़े लोगों और कथित संपत्तियों तक पहुंच रही है। बुधवार को जांच टीम न्यू नंदपुरी स्थित अमित कुमार के निजी सहायक आदेश कुमार के घर पहुंची।

टीम ने मकान में मौजूद दस्तावेजों और दूसरे कागजात की जांच की। जांच के दौरान कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। टीम ने स्थानीय लोगों से भी आदेश कुमार और अमित कुमार से संबंधित कथित संपत्तियों तथा उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमित कुमार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या अन्य संपत्तियां इस इलाके में मौजूद हैं या नहीं।

अमित कुमार से पूछताछ में कई सवालों के जवाब तलाश रही NIA

निलंबित करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को NIA ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस करेंसी चेस्ट में जाली नोट पहुंचने की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पर है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹17.29 करोड़ के जाली नोट करेंसी चेस्ट तक किस माध्यम से पहुंचे, इस दौरान किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

ड्राइवर के लापता होने से जांच में नया मोड़

एक तरफ करोड़ों रुपये के जाली नोटों की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर कैश वाहन के ड्राइवर आदर्श का अचानक गायब होना मामले को और संवेदनशील बना रहा है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि आदर्श के लापता होने का जाली नोट मामले से सीधा संबंध है।

पुलिस आदर्श की तलाश के साथ उसके मोबाइल, आखिरी लोकेशन, संपर्क में रहे लोगों और उसके लापता होने से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। NIA की जांच और पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आदर्श के लापता होने के पीछे क्या वजह थी और क्या इसका करेंसी चेस्ट मामले से कोई संबंध है।

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