राहुल गांधी के हिंदी कार्यक्रम के नाम पर DMK ने जताई नाराजगी, सरवनन अन्नादुरई बोले- तमिल अस्मिता से समझौता नहीं

तमिलनाडु में कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच एक नए मुद्दे को लेकर मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के हिंदी नाम पर DMK ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि तमिलनाडु में आयोजित कार्यक्रम के लिए तमिल या अंग्रेजी भाषा के बजाय हिंदी शीर्षक का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। इस मुद्दे ने विपक्षी इंडिया गठबंधन के भीतर भाषाई पहचान और सांस्कृतिक सम्मान को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान और भाषा के सम्मान के मामले में उनकी पार्टी किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
‘राहुल गांधी से हमें उपदेश लेने की जरूरत नहीं’
सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम को लेकर कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में आयोजित कार्यक्रम का नाम तमिल या अंग्रेजी में भी रखा जा सकता था। उनके मुताबिक, राज्य की भाषा और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करना जरूरी है।
DMK प्रवक्ता ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच अंतर को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दोनों दलों की तुलना करते हुए कहा कि राहुल गांधी तमिलनाडु आकर सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करने की बात करते हैं, लेकिन उनके कार्यक्रम के नाम में स्थानीय भाषा को प्राथमिकता नहीं दी गई।
अन्नादुरई ने स्पष्ट किया कि तमिल भाषा, संस्कृति और गौरव की रक्षा के लिए DMK को किसी दूसरे दल से सीख लेने की जरूरत नहीं है। उनके बयान से साफ है कि पार्टी इस मामले को केवल कार्यक्रम के नाम तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि इसे तमिल पहचान के सम्मान से जोड़कर देख रही है।
तमिलनाडु की संस्कृति और स्वायत्तता पर DMK का जोर
DMK प्रवक्ता ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत और स्वायत्तता की रक्षा के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि DMK तमिलनाडु की पहचान और यहां के लोगों की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेगी।
अन्नादुरई के मुताबिक, उनकी पार्टी राज्य की भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में किसी को भी तमिल पहचान को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पार्टी के इस रुख से संकेत मिलता है कि भाषा और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े मुद्दे तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण बने हुए हैं। DMK ने कार्यक्रम के हिंदी शीर्षक को इसी संदर्भ में उठाया है।
चेन्नई में आयोजित हुआ था राहुल गांधी का कार्यक्रम
राहुल गांधी ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम को लेकर DMK ने अगले दिन आपत्ति जताई। विवाद का मुख्य कारण कार्यक्रम के लिए हिंदी नाम का इस्तेमाल बताया गया है।
DMK का तर्क है कि तमिलनाडु में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक पहचान का ध्यान रखा जाना चाहिए। वहीं, इस मामले में कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर ही पार्टी का पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।
कांग्रेस-DMK संबंधों में भाषाई मुद्दे पर चर्चा
कांग्रेस और DMK लंबे समय से तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन सहयोगी रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम को लेकर DMK की आपत्ति दोनों दलों के बीच भाषाई पहचान और सांस्कृतिक सम्मान जैसे विषयों पर मतभेद को सामने लाती है।
हालांकि, इस विवाद को दोनों दलों के बीच व्यापक राजनीतिक टकराव मानने से पहले उनके आधिकारिक बयानों और आगे की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल, DMK ने तमिल भाषा और गौरव को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है, जबकि कार्यक्रम के हिंदी शीर्षक पर कांग्रेस का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद इस मुद्दे पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
