बजट 2026: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 1240 करोड़ की बढ़ोतरी पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

केंद्रीय बजट 2026-27 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 1240 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ संगठन इसे सकारात्मक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे अपेक्षित स्तर से कम बता रहे हैं।
सकारात्मक प्रतिक्रिया:
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने बजट बढ़ोतरी को उत्साहजनक बताया। उनका कहना है कि पिछले साल की तुलना में अब आवंटन बढ़ाया गया है, जो समुदाय के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अक्सर यह लाभ वास्तविक रूप से सभी तक नहीं पहुँच पाता, इसलिए प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
नाकाफी बढ़ोतरी:
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि अल्पसंख्यक आबादी और उनकी शैक्षणिक जरूरतों को देखते हुए यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने छात्रवृत्ति, कौशल विकास और रोजगार के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी योजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।
शैक्षणिक सशक्तीकरण पर जोर:
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (उत्तर प्रदेश) के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए बजट में 832 करोड़ रुपये का आवंटन सराहनीय कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि कुल 3400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसमें पिछले साल के अनुमान से 1240 करोड़ रुपये अधिक शामिल हैं। उनका कहना है कि बेहतर योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए इसका पूरा लाभ अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुँचाया जा सकता है।
मुख्य आंकड़े:
अल्पसंख्यक छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए 831.7 करोड़ रुपये
मंत्रालय की केंद्रीय योजनाओं और परियोजनाओं के लिए कुल 1,197.97 करोड़ रुपये
