के. कविता ने विधान परिषद से इस्तीफा दिया, BRS से तोड़ा नाता; नई सियासी राह की तैयारी

तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता का विधान परिषद (MLC) से इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इस्तीफे के साथ ही उनका BRS से नाता भी टूट गया है।

के. कविता ने साल 2021 में निजामाबाद स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से निर्विरोध विधान परिषद सदस्य के रूप में पद संभाला था। अब उनकी सीट खाली घोषित हो गई है, जिससे राज्य में उपचुनाव की चर्चाओं को बढ़ावा मिला है।

सदन में इस्तीफा मंजूर होने से पहले कविता भावुक होती नजर आईं। उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी पर तीखे आरोप लगाए और कहा कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में उन्हें अकेला छोड़ दिया गया। कविता ने कहा, “मेरे लिए उस पद पर बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं था, क्योंकि मेरा अब उस पार्टी से कोई नाता नहीं है।”

3 सितंबर 2025 को कविता ने BRS की प्राथमिक सदस्यता और MLC पद से इस्तीफा दे दिया था। यह कदम उनके निलंबन के ठीक एक दिन बाद उठाया गया था। हाल ही में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चेयरमैन से मुलाकात कर अपनी बात रखी, जिसके बाद इस्तीफा मंजूर किया गया।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कविता अब अपने संगठन ‘तेलंगाना जागृति’ को पूर्ण राजनीतिक दल के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। उनका यह कदम न केवल BRS के भीतर दरार को उजागर करता है, बल्कि तेलंगाना की राजनीति में नए समीकरण भी खड़े कर रहा है।

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