प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक शहर में जल्द: जीन स्टडी से बीमारी की पहचान होगी पहले, निर्माण 6 महीने में पूरा

शहर के हृदय रोग संस्थान में देश का पहला प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक जल्द शुरू होने जा रहा है। संस्थान के निदेशक ने बताया कि यह मॉडर्न ब्लॉक अगले छह महीनों में तैयार हो जाएगा।
वर्तमान में संस्थान की ओपीडी में रोजाना 1500 से अधिक मरीज आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित है। भविष्य में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में केवल उपचार पर ध्यान देने के बजाय, बीमारी के शुरुआती कारणों की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है।
इसी उद्देश्य के तहत प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी विभाग की स्थापना की जा रही है। इस विभाग में मरीजों की जीन स्टडी के जरिए बीमारी की समय से पहले पहचान की जाएगी। मरीजों के गाल (बकल सेल) से कोशिकाएं लेकर उनका विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। यह अध्ययन विशेषज्ञ टीम की सहायता से किया जाएगा।
इस तकनीक से यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी व्यक्ति में भविष्य में कौन-सी बीमारी आने की संभावना है या बच्चों में कौन-सी आनुवंशिक समस्या हो सकती है। साथ ही, बीमारी होने पर कौन सी दवा सबसे प्रभावी होगी, इसका निर्धारण भी किया जा सकेगा। इससे उपचार अधिक सरल और समय व धन की बचत वाला बनेगा।
यह व्यवस्था पूरे देश में पहली बार लागू की जा रही है। प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी ब्लॉक का उद्देश्य केवल हृदय रोग का इलाज नहीं, बल्कि बीमारी को आने से पहले रोकना भी है। विशेष रूप से कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर बीमारियों में यह नई उम्मीद जगाएगा।
इसके साथ ही मॉड्यूलेशन टेक्नोलॉजी से बीमारी के प्रारंभिक रूप को बदला या रोका भी जा सकेगा। यानी बीमारी आने से पहले ही शरीर को खतरे से बचाया जा सकेगा।
यह ब्लॉक हॉलिस्टिक अप्रोच पर आधारित होगा। इसमें कार्डियोलॉजिस्ट और सर्जन के अलावा आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग, एक्सरसाइज, ध्यान और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट की सेवाएं भी शामिल होंगी।
दो मंजिला इस इमारत में कुल चार कमरे और एक बड़ा हॉल होगा, जहां सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह ब्लॉक न केवल इलाज का केंद्र होगा, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और हृदय रोगों से पहले ही लड़ने की शक्ति भी देगा।
