नेपाल में RSP की बड़ी सफलता, बालेन शाह पीएम बनने की चर्चा तेज; भारत-नेपाल रिश्तों पर भी बढ़ी नजरें

नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रैपर से नेता बने Balen Shah की पार्टी Rastriya Swatantra Party (RSP) ने आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाने की स्थिति हासिल कर ली है। इस जीत के साथ लंबे समय से नेपाल की राजनीति पर हावी पारंपरिक दलों को बड़ा झटका लगा है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा की 165 प्रत्यक्ष निर्वाचन सीटों में से RSP अब तक 119 सीटें जीत चुकी है, जबकि कुछ अन्य सीटों पर भी पार्टी आगे चल रही है। इस नतीजे ने नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व के उभरने का संकेत दिया है।

पारंपरिक नेताओं को झटका

RSP की जीत ने नेपाल की पुरानी राजनीतिक ताकतों को पीछे धकेल दिया है। देश के प्रमुख नेताओं जैसे Pushpa Kamal Dahal और K. P. Sharma Oli की पार्टियों को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ है। लंबे समय से चली आ रही पारंपरिक राजनीति से जनता की नाराज़गी भी इन नतीजों में साफ दिखाई दे रही है।

बालेन शाह को लेकर विवाद भी

बालेन शाह की जीत के बाद उनकी नागरिकता और उपनाम को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बताया जाता है कि उनके पुराने नागरिकता प्रमाण पत्र में उनका उपनाम ‘साह’ दर्ज था, जिसे बाद में बदलकर ‘शाह’ कर दिया गया। इस बदलाव को लेकर कुछ लोगों ने कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का आरोप लगाया है, जो नागरिकता कानून की कुछ धाराओं के तहत विवाद का विषय बन गया है।

सोशल मीडिया से राजनीति तक का सफर

बालेन शाह पहले एक लोकप्रिय रैपर के रूप में जाने जाते थे। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गए। उनकी स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई और Kathmandu के मेयर के रूप में उनका काम उनकी पहचान का बड़ा कारण बना।

मेयर रहते हुए उन्होंने शहर में अवैध अतिक्रमण हटाने और शहरी व्यवस्था सुधारने के लिए कई सख्त फैसले लिए। हालांकि, सड़क किनारे व्यापार करने वालों के खिलाफ उनकी कार्रवाई को लेकर कुछ मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना भी की।

पड़ोसी देशों से रिश्ते होंगे बड़ी परीक्षा

अगर बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनती है तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेश नीति की होगी। नेपाल के दो बड़े पड़ोसी India और China के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना नई सरकार के लिए अहम होगा।

बालेन शाह के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट्स में विदेशी शक्तियों की आलोचना भी सामने आई है, जिससे उनके संभावित कूटनीतिक रुख को लेकर चर्चा बढ़ गई है।

भारत की नजर चुनाव पर

भारत इस राजनीतिक बदलाव पर करीब से नजर बनाए हुए है। नई दिल्ली की उम्मीद है कि नेपाल में एक स्थिर सरकार बनने से दोनों देशों के बीच विकास, व्यापार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी साझेदारी और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नेपाल में सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न होने पर वहां की जनता और नेतृत्व को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर शांति, प्रगति और समृद्धि के नए अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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