गणतंत्र दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर की झांकी, कर्तव्य पथ पर दिखेगा सेना का पराक्रम

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर एक विशेष और आकर्षक झांकी देखने को मिलेगी। यह झांकी हालिया ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित होगी, जिसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त ताकत और समन्वय को दर्शाया जाएगा। झांकी के जरिए बताया जाएगा कि किस तरह सीमित समय में दुश्मन को निर्णायक जवाब दिया गया।
इस झांकी में दिखाया गया है कि कैसे कुछ ही घंटों के भीतर सैन्य रणनीति के तहत आतंकवादी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई। इसमें लड़ाकू विमानों के जरिए किए गए हवाई हमलों और सीमा पार मौजूद आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की झलक भी शामिल है।
ब्रह्मोस और फाइटर जेट की ताकत का प्रदर्शन
झांकी में आधुनिक हथियार प्रणालियों को प्रमुखता से दिखाया गया है। फाइटर जेट से दागी गई ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए दुश्मन के एयरबेस पर किए गए हमलों को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है। इसमें पाकिस्तानी वायुसेना के एक एयरबेस और वहां खड़े F-16 विमानों को जलते हुए दिखाया गया है, जो भारत की सटीक सैन्य क्षमता को दर्शाता है।
S-400 और मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी होंगे शामिल
झांकी में भारत के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भी दिखाया गया है, जिसने सैकड़ों किलोमीटर दूर से दुश्मन के हवाई लक्ष्यों को नष्ट किया। इसके साथ ही आकाश मिसाइल सिस्टम और काउंटर-ड्रोन तकनीक को भी प्रदर्शित किया गया है, जिनके जरिए बड़ी संख्या में ड्रोन हमलों को नाकाम किया गया।
आधुनिक युद्ध तकनीक की झलक
झांकी में आधुनिक युद्ध में इस्तेमाल होने वाले लोएटरिंग म्युनिशन और रडार-रोधी हथियारों को भी शामिल किया गया है, जिनसे दुश्मन की निगरानी और रक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय किया गया था। यह झांकी न केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुत होने वाली यह झांकी देश की सैन्य शक्ति, तकनीकी क्षमता और तीनों सेनाओं के तालमेल को एक मंच पर दर्शाएगी।
