गणतंत्र दिवस पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था, 10 हजार पुलिसकर्मी और AI तकनीक से कड़ी निगरानी

77वें गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों में करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक AI तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों को समारोह में खलल डालने की संभावित साजिशों से जुड़े कई इनपुट मिले हैं, जिसके चलते सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी के तहत दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां और अर्धसैनिक बल मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा योजना पर काम कर रहे हैं।
AI से लैस कैमरे और स्मार्ट निगरानी
इस बार पुलिसकर्मियों को AI तकनीक से लैस विशेष चश्मे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो संदिग्ध व्यक्ति दिखते ही अलर्ट जारी करेंगे। इसके अलावा, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से जुड़े हाई-डेफिनेशन कैमरे लगाए गए हैं। केवल परेड रूट पर ही हजार से अधिक कैमरों की निगरानी के लिए अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि पूरी नई दिल्ली में कुल 31 CCTV कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे।
तीन स्तर की जांच और कड़ी घेराबंदी
सुरक्षा के लिहाज से तीन लेयर में शारीरिक जांच और तीन स्तर पर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। परेड रूट को 26 जोन में बांटा गया है, जिनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती रहेगी। कर्तव्य पथ क्षेत्र में मल्टी-लेयर्ड घेराबंदी की गई है और ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की तैनाती के साथ एंटी-ड्रोन यूनिट्स भी सक्रिय रहेंगी।
अतिथियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
आमंत्रित अतिथियों और टिकट धारकों से निर्धारित मार्गों और गेट का ही उपयोग करने की अपील की गई है। एन्क्लोजर के नाम भारतीय नदियों पर रखे गए हैं, ताकि आवागमन और बैठने की व्यवस्था सुचारू रहे। मेट्रो स्टेशनों पर लगातार घोषणाओं के जरिए यात्रियों को जरूरी जानकारी दी जा रही है और विशेष आमंत्रित मेहमानों को मेट्रो में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है।
प्रतिबंधित वस्तुएं और अपील
सुरक्षा कारणों से एन्क्लोजर के भीतर बैग, खाने-पीने का सामान, पावर बैंक, पानी की बोतल, हथियार, धारदार वस्तुएं, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य कई वस्तुएं ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें या आपात नंबर पर संपर्क करें।
इस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के जरिए गणतंत्र दिवस समारोह को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
