कासगंज में खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण शुरू, छोटे कारोबार के जरिए आत्मनिर्भर बनने के गुर सीखेंगे लोग

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत मगथरा की न्याय पंचायत बकावली में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। इसमें प्रतिभागियों को खाद्य उत्पाद तैयार करने और उन्हें व्यवसाय के रूप में विकसित करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम प्रधान नीवाला सिंह, पूर्व प्रभारी वीके शर्मा और विशन सिंह ने फीता काटकर तथा दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान ने प्रशिक्षण में शामिल 30 प्रतिभागियों को किट वितरित कीं।

अचार, मुरब्बा और जैम बनाने की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान वीके शर्मा ने प्रतिभागियों को अचार, मुरब्बा, जूस, जैम और सॉस जैसे खाद्य उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों को तैयार कर छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित व्यावहारिक जानकारी देना और उन्हें अपना रोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित करना रहा।

स्वरोजगार और सामूहिक व्यवसाय पर जोर

कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी योगेश्वरी ने मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना और इसके तहत मिलने वाले प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को स्वरोजगार स्थापित करने के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया।

वहीं, विशन सिंह ने सामूहिक रूप से काम करने के लाभों और व्यवसाय में मुनाफे की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आपसी सहयोग से खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े काम को आगे बढ़ाया जा सकता है।

मशीनरी पर अनुदान की भी दी जानकारी

मास्टर ट्रेनर विष्णु पचौरी ने प्रशिक्षणार्थियों को योजना के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता के बारे में बताया। उन्होंने योजना में 50 प्रतिशत अनुदान तथा उद्योग नीति 2023 के तहत मशीनरी पर 35 प्रतिशत अनुदान मिलने की जानकारी दी।

इस जानकारी के माध्यम से प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने में संभावित सरकारी सहायता और व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया समझाई गई। हालांकि, अनुदान की पात्रता, शर्तों और स्वीकृति की पुष्टि संबंधित विभाग से करना जरूरी है।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभागियों को खाद्य उत्पादों के निर्माण और स्वरोजगार के अवसरों से परिचित कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में मिली जानकारी के आधार पर प्रतिभागी अचार, मुरब्बा, जूस, जैम और सॉस तैयार करने जैसे काम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

कार्यक्रम के संचालन में संजय चौधरी ने सहयोग किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देना और लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

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