‘मॉमी ब्रेन’ का क्या है कनेक्शन? प्रेग्नेंसी में भूलने की समस्या पर सामने आई नई जानकारी

गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें याद रखने में परेशानी महसूस होती है। कभी कोई जरूरी सामान रखकर भूल जाना तो कभी कमरे में पहुंचने के बाद वहां आने की वजह याद न रहना—ऐसे अनुभवों को आमतौर पर ‘मॉमी ब्रेन’ या ‘मॉम्नेसिया’ कहा जाता है।

अब वैज्ञानिकों ने इस अनुभव के पीछे संभावित जैविक प्रक्रिया को समझने की कोशिश की है। एक नए शोध में हार्मोनल बदलाव और दिमाग के एक खास न्यूरल सर्किट के बीच संबंध सामने आया है। शोध के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान बढ़ने वाला एस्ट्रोजन हार्मोन मस्तिष्क के उन हिस्सों के कामकाज को प्रभावित कर सकता है, जो याददाश्त से जुड़े होते हैं।

एस्ट्रोजन और याददाश्त के बीच क्या संबंध है?

प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इनमें एस्ट्रोजन का बढ़ना भी शामिल है। यह हार्मोन गर्भावस्था के दौरान महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है और गर्भ में बच्चे के विकास से भी जुड़ा होता है।

शोधकर्ताओं ने एस्ट्रोजन के बढ़े हुए स्तर और दिमाग के एक न्यूरल सर्किट के बीच संबंध का अध्ययन किया। यह सर्किट हाइपोथैलेमस और हिप्पोकैम्पस के बीच संचार से जुड़ा है।

हिप्पोकैम्पस मस्तिष्क का वह हिस्सा है, जिसकी याददाश्त और सीखने की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शोध के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में होने वाले बदलाव इस न्यूरल नेटवर्क की गतिविधि को प्रभावित कर सकते हैं।

चूहों पर भी किया गया प्रयोग

इस प्रक्रिया को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने पशु मॉडल पर भी प्रयोग किए। परीक्षण में पाया गया कि एस्ट्रोजन के बढ़े हुए स्तर के दौरान चूहों की कुछ याददाश्त संबंधी क्षमताओं में बदलाव आया।

शोधकर्ताओं ने इसके साथ ही मस्तिष्क में मौजूद उस विशेष न्यूरल कनेक्शन की भूमिका का भी अध्ययन किया। जब इस कनेक्शन की गतिविधि को निष्क्रिय किया गया, तो याददाश्त से जुड़े बदलाव में सुधार देखा गया।

इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि हार्मोन और मस्तिष्क के बीच मौजूद यह कनेक्शन ‘मॉमी ब्रेन’ जैसे अनुभवों में भूमिका निभा सकता है।

गर्भवती महिलाओं में भी किया गया अध्ययन

शोध में महिलाओं को भी शामिल किया गया। इसमें गर्भवती और गैर-गर्भवती महिलाओं के बीच याददाश्त से जुड़े पहलुओं का अध्ययन किया गया। शोध के दौरान गर्भावस्था के अंतिम चरण में हार्मोनल बदलाव और याददाश्त से जुड़े अनुभवों के बीच संबंध पर विशेष ध्यान दिया गया।

हालांकि, ऐसे शोध से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि गर्भावस्था के दौरान हर महिला की याददाश्त कमजोर हो जाती है। अलग-अलग महिलाओं में इसका अनुभव और प्रभाव अलग हो सकता है।

क्या ‘मॉमी ब्रेन’ स्थायी समस्या है?

गर्भावस्था में भूलने की शिकायत होने का मतलब यह नहीं है कि मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुंच रहा है। गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के अलावा नींद की कमी, तनाव, थकान और शरीर में होने वाले दूसरे परिवर्तन भी ध्यान और याददाश्त को प्रभावित कर सकते हैं।

इसलिए कभी-कभार चीजें भूल जाना गर्भावस्था के दौरान अनुभव किए जाने वाले बदलावों का हिस्सा हो सकता है। ज्यादातर मामलों में यह चिंता का कारण नहीं माना जाता। हालांकि, अगर भूलने की समस्या बहुत ज्यादा हो, रोजमर्रा के काम प्रभावित हों या इसके साथ दूसरे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह रिसर्च?

‘मॉमी ब्रेन’ को लंबे समय से गर्भावस्था के दौरान महिलाओं द्वारा महसूस किया जाने वाला एक सामान्य अनुभव माना जाता रहा है। नए शोध से वैज्ञानिकों को इसके पीछे मौजूद हार्मोनल और न्यूरल प्रक्रियाओं को समझने में नई जानकारी मिलती है।

हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गर्भावस्था के दौरान होने वाले अलग-अलग हार्मोनल बदलाव किस तरह याददाश्त, ध्यान और मस्तिष्क की दूसरी गतिविधियों को प्रभावित करते हैं।

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