हैदराबाद हनी ट्रैप मामले में पुलिस को मिली आरोपी पवन कुमार की 4 दिन की हिरासत

हैदराबाद में कथित हनी ट्रैप और जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार 23 वर्षीय कोंडाभट्टुला पवन कुमार को आगे की जांच के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर उनसे पैसे वसूलता था। पुलिस के मुताबिक, इस कथित रैकेट में पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया।

जानकारी के अनुसार, उस्मानिया जनरल अस्पताल के डॉक्टरों से स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद आरोपी को चंचलगुडा सेंट्रल जेल से बाहर लाया गया। इसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

मॉडल की तस्वीरों से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने का आरोप

जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर मॉडलों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट चलाता था। इन अकाउंट के जरिए वह भारत और विदेशों में रहने वाले लोगों से संपर्क करता था।

आरोप है कि फर्जी पहचान के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतने के बाद उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन अकाउंट के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया और इस कथित नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

खुद को चंदना बताकर लोगों को फंसाने का आरोप

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की पत्नी से मिली जानकारी में सामने आया कि वह कथित तौर पर सोशल मीडिया पर खुद को चंदना नाम की महिला बताकर लोगों से बातचीत करता था। इसी पहचान का इस्तेमाल करके वह लोगों को अपने संपर्क में लाता था।

आरोप है कि उसने खैराताबाद के एक पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर को भी इसी तरीके से अपने जाल में फंसाया और उनसे करीब 10 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस इस मामले में कथित लेनदेन और आरोपी के संपर्कों की जांच कर रही है।

इंजीनियरिंग छात्र की शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी

सैदाबाद पुलिस ने इसी महीने की शुरुआत में एक इंजीनियरिंग छात्र की शिकायत के आधार पर पवन कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर लगभग 18 लाख रुपये की जबरन वसूली और अन्य लोगों से 7.16 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर 82 लोगों ने आरोपी को अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो भेजे थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल किसी को धमकाने या पैसे वसूलने के लिए किया गया था या नहीं।

पुलिस को अन्य पीड़ितों के सामने आने की आशंका

इस मामले में सैदाबाद पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को आशंका है कि कथित रैकेट से जुड़े और भी लोग सामने आ सकते हैं।

चार दिन की पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी से सोशल मीडिया अकाउंट, कथित वित्तीय लेनदेन, संपर्कों और संभावित पीड़ितों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

फिलहाल, मामले की जांच जारी है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

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