आकाशीय बिजली की चपेट में आया पटना-लखनऊ इंडिगो विमान, अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की खबर

पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की एक उड़ान बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। घटना के समय विमान लखनऊ के नजदीक करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। बिजली गिरने से विमान के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। विमान में लगभग 104 यात्री सवार थे।

इस घटना के बावजूद पायलट ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया। विमान में मौजूद सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई। हालांकि, आसमान में बिजली गिरने की घटना से यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया था।

तय समय से पहले लखनऊ पहुंची फ्लाइट

इंडिगो की उड़ान संख्या 6E925 ने पटना से लखनऊ के लिए दोपहर करीब 3:10 बजे उड़ान भरी थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विमान को शाम 4:20 बजे लखनऊ पहुंचना था। हालांकि, उड़ान के दौरान मौसम की परिस्थितियों के बीच विमान करीब 4:05 बजे ही लखनऊ एयरपोर्ट पर उतर गया।

लैंडिंग के बाद विमान की जांच की गई। इसी दौरान विमान में तकनीकी समस्या सामने आने की बात कही गई। आकाशीय बिजली की चपेट में आने के बाद विमान की तकनीकी स्थिति का आकलन करना जरूरी हो गया, जिसके चलते आगे की उड़ान के संचालन पर असर पड़ा।

अहमदाबाद जाने वाली उड़ान में भी हुई देरी

लखनऊ पहुंचने के बाद इसी विमान को इंडिगो की उड़ान संख्या 6E6968 के रूप में शाम 5:05 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना होना था। लेकिन विमान में तकनीकी खराबी की जानकारी मिलने के बाद उसे आगे की उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।

यात्रियों को अधिक परेशानी से बचाने के लिए एयरलाइन ने दूसरे विमान की व्यवस्था की। इसके बाद अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक विमान से शाम करीब 6:22 बजे रवाना किया गया। इस तरह पटना से लखनऊ आने वाली उड़ान में हुई घटना का असर विमान के अगले निर्धारित संचालन पर भी पड़ा।

पहले भी इंडिगो के विमान पर गिर चुकी है बिजली

आकाशीय बिजली की चपेट में विमान आने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 19 जून को कोलकाता एयरपोर्ट पर खड़े इंडिगो के एक विमान पर भी बिजली गिरने की घटना सामने आई थी। उस समय विमान अगरतला जाने के लिए तैयार था।

बताया गया था कि बिजली गिरने से विमान के पावर सिस्टम पर असर पड़ा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान में सवार 141 यात्रियों और छह क्रू सदस्यों को बाहर उतार दिया गया था। बाद में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई।

आकाशीय बिजली से विमान को कितना खतरा होता है?

आमतौर पर आधुनिक यात्री विमानों को आकाशीय बिजली के प्रभावों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है। इसके बावजूद बिजली गिरने के बाद विमान के बाहरी हिस्से, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच करना जरूरी होता है।

ऐसी स्थिति में विमान को सुरक्षित उतारना पहली प्राथमिकता होती है। इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञ निरीक्षण करते हैं और आवश्यक मरम्मत या जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की उड़ान में हुई घटना के बाद भी विमान की तकनीकी जांच और यात्रियों की सुरक्षा अहम रही। घटना में किसी यात्री के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई, जबकि विमान की खराबी के कारण अहमदाबाद जाने वाली अगली उड़ान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।

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