आजमगढ़ में मौसम का बदला मिजाज, तेज बारिश और 39 किमी/घंटा की हवाएं; कक्षा 8 तक स्कूलों में छुट्टी

आजमगढ़: जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है। शुक्रवार शाम से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। रातभर रुक-रुककर हुई बारिश के बाद सुबह भी आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में बूंदाबांदी होती रही। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
पिछले तीन दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं तापमान गिरने के बाद कुछ इलाकों में लोग गर्म कपड़ों में भी नजर आए।
39 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके साथ ही करीब 39 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की जानकारी सामने आई है।
सुबह से आसमान पर बादलों का डेरा रहा और बारिश के कारण मौसम काफी ठंडा महसूस हुआ। अचानक बदले मौसम से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
कक्षा 8 तक के स्कूल किए गए बंद
भारी बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया। प्रशासन की ओर से आम लोगों से भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।
लोगों को जलभराव वाले रास्तों और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
अगले चार-पांच दिन जारी रह सकता है बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आजमगढ़ में आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। अगले चार से पांच दिनों तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से और राहत मिल सकती है।
जिले में बारिश का आंकड़ा भी बढ़ा
जिले में अब तक करीब 592.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर जिले में करीब 693.6 मिलीमीटर बारिश का अनुमान बताया गया है। इस लिहाज से अभी करीब 15 मिलीमीटर और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, लगातार बारिश के कारण नदियों और निचले इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
घाघरा नदी का बढ़ा जलस्तर, संवेदनशील इलाकों में निगरानी
बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। इसे देखते हुए नदी के किनारे बसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के इलाकों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। प्रशासन की टीमें संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर भी सतर्क हैं।
कई विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम और जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का फोकस खासतौर पर नदी किनारे और अन्य संवेदनशील इलाकों पर है, ताकि बारिश के कारण किसी तरह की आपात स्थिति पैदा होने पर तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके।
