गंगा की बाढ़ से कानपुर में बढ़ी मुश्किल, स्कूल तक पहुंचा पानी; 50 बीघा फसल बर्बाद

कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटरी इलाके में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नदी का पानी अब गांवों के नजदीक पहुंचने लगा है। गंगा बैराज के पास स्थित लोधवाखेड़ा गांव में पानी घुसने के बाद प्राथमिक विद्यालय भी इसकी चपेट में आ गया है। स्कूल के बाहर करीब दो फीट तक पानी भर गया है, जबकि परिसर के अंदर भी पानी पहुंच चुका है।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पास के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे उनकी पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ जलभराव वाले इलाके में जाने का जोखिम भी कम हुआ है।
सब्जियों के खेत और अमरूद के बाग भी डूबे
लोधवाखेड़ा के अलावा आसपास के चैनपुरवा और देवनीपुरवा गांवों में भी गंगा का पानी पहुंचने लगा है। कटरी क्षेत्र में अब तक करीब 50 बीघा कृषि भूमि के जलमग्न होने की बात सामने आई है।
पानी भरने से खेतों में लगी सब्जियों की फसल और अमरूद के बागों को नुकसान पहुंचा है। किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है, क्योंकि नदी का जलस्तर अभी भी ऊपर जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय पानी बढ़ने की रफ्तार ज्यादा महसूस होती है।
रात में बढ़ा पानी, फसल हुई जलमग्न
चैनपुरवा की रहने वाली कुसुमा ने बताया कि रात के दौरान पानी का स्तर अचानक काफी बढ़ गया। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब चुकी है। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो जल्द ही पानी घरों के आसपास तक पहुंच सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के दौरान कटरी क्षेत्र में इस तरह की परेशानी सामने आती है। इसके बावजूद इस बार पानी बढ़ने से लोगों में चिंता बनी हुई है।
दो दिनों से लगातार बढ़ रहा जलस्तर
लोधवाखेड़ा निवासी निखिल के अनुसार, पिछले दो दिनों से गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय के बाहर और परिसर के भीतर पानी जमा हो गया है। आसपास मौजूद अमरूद के बाग और सब्जियों के खेत भी पानी में डूब चुके हैं।
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कटरी के ग्रामीणों की निगाहें अब गंगा के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। लोगों को डर है कि यदि पानी और बढ़ा तो गांवों में रहने वाले परिवारों के सामने आवागमन और सुरक्षित स्थान पर जाने जैसी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।
प्रशासन की ओर से भी प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल ग्रामीण नदी के जलस्तर में होने वाले अगले बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
