सहारनपुर में PNB खाताधारक साइबर ठगी का शिकार, बिना इजाजत खाते से 95 हजार निकले

सहारनपुर: नकुड़ क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एक ग्राहक के बैंक खाते से उसकी जानकारी के बिना 95 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगी से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित की पहचान नकुड़ क्षेत्र के निग्रा-फतेहपुर जट निवासी विजयदीप सिंह के रूप में हुई है। उनका कहना है कि 17 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:35 बजे उनके बैंक खाते से 95 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुआ।
पीड़ित ने खुद नहीं किया था ट्रांजेक्शन
विजयदीप सिंह के मुताबिक, उन्होंने यह ऑनलाइन लेनदेन खुद नहीं किया था। उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को भी अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं दी थी। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क कर घटना की शिकायत दर्ज कराई।
इसके साथ ही पीड़ित ने साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद उन्हें बताया गया कि मामला संबंधित साइबर पुलिस के पास भेज दिया गया है। बैंक की ओर से भी शिकायत को प्रक्रिया में लिए जाने की जानकारी दी गई और पुलिस के साथ मामले का फॉलोअप करने की सलाह दी गई।
ट्रांजेक्शन किस खाते में गया, इसकी जांच की मांग
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने उस खाते की जानकारी सामने लाने की मांग की है, जिसमें 95 हजार रुपये ट्रांसफर हुए। इसके साथ ही यदि रकम UPI, डिजिटल वॉलेट या किसी मर्चेंट के माध्यम से भेजी गई है तो उससे जुड़े विवरण की जांच करने का अनुरोध किया गया है।
पीड़ित ने पुलिस से संबंधित व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही यदि ठगी की रकम अभी भी संबंधित खाते में मौजूद है तो उसे तत्काल फ्रीज या होल्ड कराने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
बैंक और डिजिटल रिकॉर्ड की होगी जांच
मामले की जांच में ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिकायत में ट्रांजेक्शन आईडी या यूटीआर, संबंधित बैंक खाते, UPI आईडी, IP एड्रेस, इस्तेमाल किए गए डिवाइस और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच की मांग की गई है।
पुलिस इन रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई और पैसा आखिर किस खाते या डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचा।
रकम वापस कराने की मांग
पीड़ित ने पुलिस से साइबर ठगी में गई पूरी 95 हजार रुपये की रकम की रिकवरी कराने की भी मांग की है। उसने जांच के दौरान जरूरी दस्तावेज और अन्य जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान रकम के अंतिम लाभार्थी और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
