मेट्रो विस्तार में देरी पर केंद्र घिरा, रेवंत रेड्डी ने फंडिंग को बताया बड़ा मुद्दा

A. Revanth Reddy ने हैदराबाद मेट्रो विस्तार परियोजना में देरी को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं, वित्तीय मंजूरी और राजनीतिक स्तर पर पैदा हुई बाधाओं के कारण परियोजना का अगला चरण अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि हैदराबाद जैसे तेजी से विकसित होते शहर के लिए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि शहर की भविष्य की यातायात जरूरतों से जुड़ा मुद्दा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मेट्रो परियोजना की अवधारणा और शुरुआती विकास पहले की सरकारों के समय शुरू हुआ था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसकी गति प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि देरी का असर लागत और परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता दोनों पर पड़ा।
रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि निर्माण में देरी और महामारी के बाद आर्थिक दबाव के कारण परियोजना संचालित करने वाली व्यवस्था पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ा। उनके अनुसार, इसी वजह से दूसरे चरण के विस्तार के लिए नई वित्तीय संरचना और अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से G. Kishan Reddy की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य यह स्पष्टता चाहता है कि केंद्र इस विस्तार योजना में सक्रिय रूप से शामिल होगा या राज्य को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक स्वीकृतियां और फंडिंग प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने से फैसले लंबित हैं, जिसका असर सीधे शहरी परिवहन योजनाओं पर पड़ रहा है।
यह पूरा मुद्दा अब केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि तेजी से बढ़ते महानगरीय क्षेत्र में कनेक्टिविटी, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन के भविष्य से भी जुड़ गया है। आने वाले समय में मंजूरी, निवेश और केंद्र–राज्य समन्वय इस परियोजना की दिशा तय करेंगे।
