नोएडा में AI का सहारा लेकर 70.90 लाख की ठगी, PM मोदी और वित्त मंत्री का नकली वीडियो दिखाकर बुजुर्ग को फंसाया

नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के AI से तैयार किए गए फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर 59 वर्षीय व्यक्ति को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने पीड़ित को सरकारी योजना का हिस्सा बताकर कम रकम लगाने पर भारी मुनाफे का लालच दिया।
ठगों ने धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने के नाम पर पीड़ित से कुल 16 बार में 70 लाख 90 हजार 65 रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस लेने के लिए आरोपियों से संपर्क किया तो सभी फोन नंबर बंद मिले। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर दिखा PM और वित्त मंत्री का AI वीडियो
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इकोविलेज वन सोसाइटी में रहने वाले 59 वर्षीय विनोद कुमार शर्मा के मुताबिक, जनवरी में उन्होंने फेसबुक पर निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था।
इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वीडियो दिखाया गया था। वीडियो के जरिए दावा किया गया था कि महज 22,500 रुपये निवेश करने पर काफी अधिक रिटर्न हासिल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का वीडियो देखकर पीड़ित को लगा कि यह किसी सरकारी योजना से जुड़ा निवेश है। इसी भरोसे में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए संपर्क नंबर पर बात की।
पहले 22,500 रुपये जमा कराए
विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपियों ने उन्हें एक बैंक खाते में रकम जमा करने के लिए कहा। पीड़ित ने शुरुआत में 22,500 रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद वाट्सऐप पर ‘दिया शर्मा’ नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया। महिला ने कथित निवेश में अधिक रकम लगाने पर ज्यादा लाभ मिलने का दावा किया। उसके झांसे में आकर पीड़ित ने 28 जनवरी को 1.50 लाख रुपये और फिर 3 मार्च को 50 हजार रुपये और जमा कर दिए।
4.32 लाख रुपये मुनाफे का दिया झांसा
मई में साइबर ठगों ने पीड़ित को बताया कि उनके निवेश से करीब 4.32 लाख रुपये का मुनाफा हो चुका है। इसके बाद उन्हें भरोसा दिलाया गया कि निवेश बढ़ाने पर उनका रिटर्न और ज्यादा हो सकता है।
लाभ के लालच में पीड़ित लगातार आरोपियों के बताए खातों में पैसे भेजते रहे। इस तरह अलग-अलग लेनदेन के जरिए उनसे कुल 16 बार में 70,90,065 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
पैसे वापस मांगने पर बंद मिले फोन
जब पीड़ित ने 4 अगस्त को अपनी रकम और कथित रिटर्न वापस लेने के लिए आरोपियों से संपर्क किया, तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले। कई प्रयासों के बावजूद जब संपर्क नहीं हो सका तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद पीड़ित ने 5 अगस्त को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में शनिवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
बैंक खातों की जांच में जुटी साइबर पुलिस
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही आरोपियों तक पहुंचने के लिए लेनदेन और अन्य डिजिटल सुरागों की जांच की जा रही है।
पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि सोशल मीडिया पर किसी नेता, सरकारी अधिकारी या सरकारी योजना के नाम से दिखने वाले निवेश विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। AI की मदद से बनाए गए फर्जी वीडियो और आवाज के जरिए भी लोगों को भ्रमित किया जा सकता है। किसी भी निवेश से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी माध्यम से उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
