‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के समर्थन में उतरे प्रमोद सावंत, गिनाए बड़े फायदे

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने देशभर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की अवधारणा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से शासन प्रणाली अधिक स्थिर बनेगी, सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विकास कार्यों को निरंतर गति मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराए जाएं तो सरकारें चुनावी तैयारियों में बार-बार व्यस्त होने के बजाय दीर्घकालिक योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी।

प्रमोद सावंत ने यह भी कहा कि गोवा सरकार इस विषय पर केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे परामर्श और विचार-विमर्श की प्रक्रिया का पूरा समर्थन करती है। उनके अनुसार, यह प्रस्ताव शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह बयान उस बैठक के बाद दिया, जिसमें संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के साथ चर्चा हुई। समिति विभिन्न पक्षों से सुझाव और राय लेकर प्रस्तावित सुधारों का अध्ययन कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से चुनावी खर्च में कमी आएगी, प्रशासनिक मशीनरी पर पड़ने वाला दबाव घटेगा और सरकारी तंत्र को बार-बार चुनावी प्रक्रिया में लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे नीति निर्माण, विकास परियोजनाओं और जनहित के कार्यों पर अधिक समय और संसाधन लगाए जा सकेंगे।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव पर राज्यों, राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक स्तर पर सुझाव और राय जुटा रही है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराकर चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और संसाधन-कुशल बनाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *