कमलेश बिंद एनकाउंटर केस पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा जवाब

गाजीपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कमलेश बिंद की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। कमलेश की मां लक्ष्मिना देवी ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने की। अदालत में दाखिल याचिका में पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए हैं। अब राज्य सरकार के जवाब के बाद इस मामले में आगे की सुनवाई होगी।

चार जून को पुलिस मुठभेड़ में हुई थी कमलेश बिंद की मौत

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि गाजीपुर कोतवाली क्षेत्र में चार जून को पुलिस और कमलेश बिंद के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस घटना में कमलेश की जान चली गई थी। इससे पहले गाजीपुर में एक होटल कारोबारी के बेटे की हत्या का मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने कमलेश बिंद के खिलाफ कार्रवाई की थी।

इस घटनाक्रम को कटरा गैंग से भी जुड़ा बताया गया था। हालांकि, मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर कमलेश के परिवार ने सवाल उठाए हैं। उसकी मां का कहना है कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

सीबीआई जांच और क्रॉस केस की निष्पक्ष पड़ताल की मांग

कमलेश बिंद की मां लक्ष्मिना देवी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। याचिका में पुलिस की ओर से दर्ज क्रॉस केस की भी निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

परिवार की ओर से मांग की गई है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि पूरी घटना के तथ्यों और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पड़ताल हो सके। याचिका में मामले से जुड़े खर्च के भुगतान की मांग भी शामिल है।

परिवार ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता पर अदालत का अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।

सरकार के जवाब के बाद आगे बढ़ेगी सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। अब सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले पक्ष के आधार पर मामले की अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।

फिलहाल, अदालत ने याचिका में उठाए गए सवालों और सीबीआई जांच की मांग पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट होगा कि अदालत जांच से संबंधित मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

डिस्क्लेमर: इस समाचार में मुठभेड़ को फर्जी बताए जाने संबंधी बातें याचिका में लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। मामले में अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *