गंगा के पानी में आई कमी से मिर्जापुर को राहत, 2 घंटे में 4 सेंटीमीटर घटा जलस्तर; खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही नदी

मिर्जापुर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार रात से नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के ओझला ब्रिज गेज स्थल पर रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 75.810 मीटर दर्ज किया गया।

पिछले दो घंटे के दौरान नदी के जलस्तर में करीब 4 सेंटीमीटर की कमी आई। जलस्तर घटने की रफ्तार लगभग 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे रही। गंगा के जलस्तर में कमी आने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी है।

गंगा का चेतावनी स्तर 76.724 मीटर, जबकि खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.914 मीटर नीचे है।

डीएम ने चुनार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शुक्रवार को चुनार क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र के जगदीशपुर उर्फ टम्मलगंज में बनाए गए स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया।

स्वास्थ्य शिविर में तैनात चिकित्सक डॉ. धर्मेश यादव ने बताया कि अब तक 32 लोगों की जांच कर उन्हें उपचार दिया जा चुका है। डीएम ने शिविर में उपलब्ध दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ के दौरान होने वाली बीमारियों को लेकर विशेष सावधानी बरतने और जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हर साल बंद हो जाता है रास्ता, ग्रामीणों ने पुल बनाने की मांग की

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अपनी पुरानी समस्या से अवगत कराया। लोगों ने बताया कि टम्मलगंज से तहसील, अस्पताल और बाजार की ओर जाने वाला मुख्य रास्ता गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ हर साल प्रभावित हो जाता है।

रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने रपटा पर स्थायी पुल बनाए जाने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी।

डीएम ने ग्रामीणों को बताया कि पुल निर्माण के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली।

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाए राहत सामग्री

इसके बाद जिलाधिकारी ने समसपुर गांव के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और वहां स्थापित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री व्यवस्थित और स्वच्छ तरीके से पहुंचाई जाए।

डीएम ने कहा कि बाढ़ से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पशुओं के टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रात के समय बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने को भी कहा गया। इसके अलावा नावों की सुरक्षा और उनके संचालन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

हाईटेंशन तार लटकते मिलने पर बिजली विभाग को फटकार

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की नजर जर्जर और नीचे की ओर लटक रहे हाईटेंशन बिजली के तारों पर पड़ी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता से फोन पर बात की और तारों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर घटने से मिर्जापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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