पचोखरा धाम में प्राकट्योत्सव समारोह का आयोजन, अनिरुद्धाचार्य ने डॉ. अखिलेश गुमाश्ता को सम्मान दिया

 

जालौन के पचोखरा धाम में संत स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के प्राकट्योत्सव का आयोजन श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के पहुंचने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए। भक्तों ने उनके दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष से आयोजन स्थल का माहौल भक्तिमय बना रहा।

संत के जीवन और विचारों को किया याद

कार्यक्रम के दौरान अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के जीवन और उनके आध्यात्मिक कार्यों पर प्रकाश डाला। स्वामी राजेश्वरानंद को राजेश रामायणी के नाम से भी जाना जाता था।

उन्होंने कहा कि संतों का जीवन समाज को धर्म, सेवा, संस्कार और सदाचार की दिशा दिखाता है। उनके विचार और जीवन से मिलने वाली सीख लंबे समय तक समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकती है।

अनिरुद्धाचार्य ने धार्मिक परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से अच्छे आचरण, सेवा भावना और धार्मिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

इस दौरान उन्होंने भजन प्रस्तुत किए, जिस पर मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और कई भक्त भजनों पर झूमते दिखाई दिए।

डॉ. अखिलेश गुमाश्ता को मिला राजेश्वरानंद अलंकरण

कार्यक्रम में जबलपुर के डॉ. अखिलेश गुमाश्ता को विशेष सम्मान दिया गया। रामायण का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद करने के लिए उन्हें अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने राजेश्वरानंद अलंकरण से सम्मानित किया।

इसके अलावा कार्यक्रम में आयोजित कवि सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले कवियों को भी सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान धार्मिक और साहित्यिक गतिविधियों का संगम देखने को मिला।

प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर की पूजा

मुख्य कार्यक्रम से पहले अनिरुद्धाचार्य जी महाराज राजेश्वरानंद आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित की और हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर उन्होंने स्वामी राजेश्वरानंद के परिवार का भी उल्लेख किया। उन्होंने उनके पुत्र महंत गुरु प्रसाद और पुत्री की चर्चा करते हुए कहा कि वे अपने संत पिता के विचारों और परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

खुली कार से श्रद्धालुओं को दिए दर्शन

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अनिरुद्धाचार्य जी महाराज खुली कार में बैठकर कार्यक्रम स्थल से निकले। इस दौरान रास्ते और आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने उनके दर्शन किए और आशीर्वाद लेने के लिए उत्साह दिखाया।

पचोखरा धाम में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से आयोजन की रौनक बढ़ गई।

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