कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर सीतापुर में अलर्ट, DM-SP ने घाटों और मंदिर का किया निरीक्षण

सीतापुर: श्रावण मास के अंतिम सोमवार को देखते हुए सीतापुर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने मंदिरों और प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
इसी क्रम में जिलाधिकारी राजागणपति आर. और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने देर रात बिसवां तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध पत्थर शिवाला मंदिर और चहलारी घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, सुरक्षा इंतजाम और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बैरिकेडिंग और पुलिस व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और घाट पर की गई बैरिकेडिंग की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था रहे और भीड़ बढ़ने पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
मंदिर और घाट पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
घाट पर गोताखोरों की तैनाती पर जोर
चहलारी घाट के निरीक्षण के दौरान डीएम ने सुरक्षा के लिहाज से गोताखोरों की उपलब्धता और तैनाती की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि घाट पर पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गोताखोर मौजूद रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों और राहत-बचाव से जुड़े आवश्यक संसाधनों को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
प्रकाश और साफ-सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त रखने के निर्देश
डीएम ने अधिकारियों से मंदिर परिसर और घाट के आसपास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने को कहा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई और अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु रखें।
मंदिर मार्गों पर रहेगा रूट डायवर्जन
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। प्रशासन की ओर से भीड़ वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू रखने की तैयारी की गई है, ताकि स्थानीय यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही दोनों को व्यवस्थित किया जा सके।
प्रशासन का प्रयास है कि अंतिम सोमवार के अवसर पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो तथा दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत बनी रहे।
डीएम और एसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रहें।
